कोरोना काल मे पर्यावरण |world environment day

हेलो दोस्तों स्वागत है आपका मेरे इस साइट में आज हम जानेंगे के कोरोना काल में पर्यावरण का क्या हाल है|


सबसे पहले  आप सभी को विश्व पर्यावरण दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं आज 5 जून है और 5 जून 1974 में पहली बार विश्व पर्यावरण दिवस प्रारंभ किया गया जिसके बाद से प्रत्येक वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है| 


पर्यावरण दिवस का एक अपना अलग  महत्व है|  यह दिन सभी लोगों को पर्यावरण के हित में सोचने और कुछ करने के लिए प्रेरित करता है|

 यह दिन लोगों को पेड़ पौधे लगाने और पर्यावरण की रक्षा करने के लिए प्रेरित करता है , ताकि हमारे जो आने वाले पीढ़ियां हैं उनको हम रहने के लिए एक अच्छा पर्यावरण देकर जा सके|



 5 जून 2020 कोरोना काल

 आज पूरा दुनिया कोरोना वायरस के डर से घरों में बैठी है और लगभग सभी औद्योगिक गतिविधियां बंद पड़े हैं,  जिसके कारण अनेक प्रकार की प्रदूषण में आश्चर्यचकित कर देने वाली गिरावट आई है |


पर्यावरण तेजी से अपनी अवस्था में परिवर्तन ला रहा है और अपने आप को साफ कर रहा है हम मनुष्य इतने समय से जो करना चाह रहे थे वह खुद पर्यावरण सिर्फ कुछ हफ्तों में करके दिखा दिया|


 मनुष्य की वजह से जो सारी नदियां गंदी हो रही थी और जिन्हें हम साफ  करने के लिए इतने पैसे खर्च कर रहे थे अलग-अलग नीतियां बना रहे थे साइंस का और प्रौद्योगिकी का सहारा ले रहे थे , आज पर्यावरण में सारी गतिविधियां बंद होने के कारण सारी चीजें खुद ही साफ हो जा रही हैं और खूबसूरत भी हो जा रहे हैं |


जो कि यह साबित करता है कि पर्यावरण अपने रखरखाव के लिए किसी का मोहताज नहीं , अगर इंसान इसमें दखल बाजी ना करें तो पर्यावरण अपने आप को बहुत अच्छे से संजो करके रख सकती है और फल फूल सकती है|





 कोरोना भले ही मानव सभ्यता के लिए हानिकारक साबित हुआ है लेकिन इसके आने से पर्यावरण में सकारात्मक प्रभाव  भी पड़ा है इसके आने से जब लोग अपने घरों में बंद हो गए तो पर्यावरण ने बहुत ही तेजी से अपनी मरम्मत किया


अब देखना यह है की हम अपने पर्यावरण के साफ सफाई के प्रति कितना सजग हो पाते हैं और इसे कितना अच्छे से रख पाते हैं |



अगर हम इन चीजों से कुछ सीख नहीं ले पाते हैं तो  कोरोना जैसे और इससे भी खतरनाक बीमारियां , महामारीयां आदि आने की संभावना  बनी रहेगी |



आपका समय देने के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद |

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